जनमानस चैरिटेबल ट्रस्ट एक पंजीकृत सामाजिक संस्था है, जिसका उद्देश्य समाज के जरूरतमंद वर्गों को सहायता, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। ट्रस्ट द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, नि:शुल्क कोचिंग, चिकित्सा शिविर, विकलांगजन सहायता, बेटियों के कन्यादान सहयोग, आर्थिक सहायता, और वृद्धा आश्रम जैसी सेवाएँ पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ संचालित की जाती हैं। संस्था का लक्ष्य ऐसा समाज बनाना है जहाँ हर व्यक्ति को सम्मान, सुविधा और समान अवसर प्राप्त हों।
हमारा मिशन
समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को सहारा देना। गरीब बच्चों और युवाओं के लिए शिक्षा एवं नि:शुल्क कोचिंग उपलब्ध कराना। स्वास्थ्य जागरूकता और नि:शुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन। विकलांगजन के लिए नि:शुल्क उपकरण वितरण। गरीब परिवारों की बेटियों के कन्यादान हेतु सहयोग प्रदान करना। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सहायता करना। बुजुर्गों के सम्मान और देखभाल हेतु वृद्धा आश्रम सेवा को बढ़ावा देना।
हमारा विज़न
ऐसा संवेदनशील और समृद्ध समाज बनाना जहाँ हर जरूरतमंद व्यक्ति को शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानपूर्ण जीवन जीने का अवसर मिले। जनमानस चैरिटेबल ट्रस्ट का उद्देश्य दया, सेवा, सहयोग और मानवता के आधार पर मजबूत राष्ट्र निर्माण में योगदान देना है।
हमारे प्रमुख कार्यक्षेत्र
निःशुल्क कोचिंग एवं शिक्षा सहायता – गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए अध्ययन सहायता। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवा – निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, दवा वितरण और जागरूकता अभियान। विकलांगजन सहायता – व्हीलचेयर, छड़ी, उपकरण और अन्य आवश्यक सामान वितरण। कन्यादान सहयोग – गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग। आर्थिक सहायता – आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहायता। वृद्धा आश्रम – बुजुर्गों की देखभाल, भोजन, स्वास्थ्य और रहने की सुविधा। समाज सेवा एवं जनजागरूकता कार्यक्रम।
हमारे मूल्य
मानवता – हर व्यक्ति का सम्मान और सुरक्षा। पारदर्शिता – कार्यों में स्पष्टता और ईमानदारी। सेवा भावना – बिना किसी भेदभाव के सहायता। सहयोग – समाज, संस्थाओं और स्वयंसेवकों के साथ मिलकर काम। उत्तरदायित्व – जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना।
हमारे उद्देश्य
निःशुल्क शिक्षा और कोचिंग प्रदान करना। स्वास्थ्य शिविरों एवं जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन। विकलांगजन को निःशुल्क उपकरण उपलब्ध कराना। बेटियों के विवाह में सहयोग देकर सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देना। वृद्धजनों की सहायता, भोजन और रहने की सुविधा उपलब्ध कराना। जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता देना। समाज में सद्भावना, मानवता और सेवा की भावना को बढ़ावा देना।